“हम खुद अपनी तकदीर लिखते हैं
खुद की लिखावट को बदलना तो
हमारी फितरत है हार को जीत में
बदलकर हाथों की लकीर बदलते हैं।”





“हम खुद अपनी तकदीर लिखते हैं खुद की लिखावट को बदलना तो हमारी फितरत है हार को जीत में बदलकर हाथों की लकीर बदलते हैं।”